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Sunday, June 30, 2019

पानी की बर्बादी रोकने के 18 तरीके जिनपर आपने ध्यान देना हे जरूरी

June 30, 2019 0
पानी की बर्बादी रोकने के 18 तरीके जिनपर आपने ध्यान देना हे जरूरी
जल संरक्षण के उपाय / How To Conserve and Save Water in Hindi

जल संरक्षण आज विश्व की सर्वोपरि प्राथमिकताओं में से होनी चाहिये। जल संरक्षण हमे घर में, घर के बाहर, बाग़ बगीचों, खेत खलिहान हर जगह करना चाहिये।
1. घरेलू जल सरंक्षण / How to save water at home

    दाढ़ी बनाते समय, ब्रश करते समय, सिंक में बर्तन धोते समय, नल तभी खोलें जब सचमुच पानी की ज़रूरत हो।
    गाड़ी धोते समय पाइप की बजाय बाल्टी व मग का प्रयोग करें, इससे काफी पानी बचता है।
    नहाते समय शॉवर की बजाय बाल्टी एवं मग का प्रयोग करें,काफी पानी की बचत होगी। इस काम के लिए आप भारत रत्न सचिन तेंदुलकर से प्रेरणा ले सकते हैं जो सिर्फ १ बाल्टी पानी से ही नहाते हैं।
    वाशिंग मशीन में रोज-रोज थोड़े-थोड़े कपड़े धोने की बजाय कपडे इकट्ठे होने पर ही धोएं।
    ज्यादा बहाव वाले फ्लश टैंक को कम बहाव वाले फ्लश टैंक में बदलें। सम्भव हो तो दो बटन वाले फ्लश का टैंक खरीदें। यह पेशाब के बाद थोड़ा पानी और शौच के बाद ज्यादा पानी का बहाव देता है।
    जहाँ कहीं भी नल या पाइप लीक करे तो उसे तुरन्त ठीक करवायें। इसमें काफी पानी को बर्बाद होने से रोका जा सकता है।
    बर्तन धोते समय भी नल को लगातार खोले रहने की बजाये अगर बाल्टी में पानी भर कर काम किया जाए तो काफी पानी बच सकता है।

2. घर के बाहर जल संरक्षण

    सार्वजनिक पार्क, गली, मौहल्ले, अस्पताल, स्कूलों आदि में जहाँ कहीं भी नल की टोंटियाँ खराब हों या पाइप से पानी लीक हो रहा हो तो तुरन्त जलदाय ऑफिस में या सम्बन्धित व्यक्ति को सूचना दें, इसमें हजारों लीटर पानी की बर्बादी रोकी जा सकती है।
    बाग़ बगीचों एवं घर के आस पास पौधों में पाइप से पानी देने के बजाय वाटर कैन द्वारा पानी देने से काफी पानी की बचत हो सकती है
    बाग़ बगीचों में दिन की बजाय रात में पानी देना चाहिये। इससे पानी का वाष्पीकरण नहीं हो पाता। कम पानी से ही सिंचाई हो जाती है
    सिंचाई क्षेत्र हेतु कृषि के लिये कम लागत की आधुनिक तकनीकों को अपनाना जल सरंक्षण हतु उपयोगी है।

3. वृक्षा रोपण / Plantation

वृक्ष हमारे अभिन्न मित्र हैं ये हमें छाया,फल,लकड़ी प्रदान करते हैं जमीन का कटाव रोकते हैं, बाढ़ से सुरक्षा करते हैं। जहाँ ज्यादा वृक्ष होते हैं वहां अच्छी बारिश होती है जिससे बारिश में नदी नाले भर जाते हैं और पानी की कमी नहीं हो पाती। इसलिए लगातार वृक्षा रोपण करते रहना चाहिये।
4. जल संरक्षण हेतु कानून

कई क्षेत्रों में बिना रोकथाम के पानी निकालने से भूजल के स्तर में भारी गिरावट आ जाती है। इसके लिये भूजल के वितरण प्रबन्धन नियमों का पालन करना जरूरी है। साथ ही नए कानून बनाने की ज़रूरत है जो किसी भी प्रकार के वाटर वेस्टेज को एक गैर-कानूनी काम के रूप में देखें और ऐसा करने वालों को जुरमाना और सजा देने का प्रावधान करें।
5. औधोगिक क्षेत्र में नई तकनीक

पानी की जरूरत को कम करने लिये, औद्योगिक क्षेत्र, कारखानों आदि में आधुनिक तकनीक को प्रयोग में लेना चाहिये।
6. वर्षा जल संचयन / Rain water harvesting in Hindi

हम लोगों की अकेली यह आदत ही जल संरक्षण हेतु मील का पत्थर साबित हो सकती है। एक बारिश के बाद अगली बारिश से छतों से वर्षा जल का संचय करें। यह पीने, कपड़े धोने, बागवानी आदि सभी कार्यों हेतू उत्तम है। इसके लिये गाँव, शहरों में भवन निर्माण सम्बन्धी नियमों में वर्षा जल संचयन को अनिवार्य किया जाना चाहिये तथा लोगों को वर्षा जल संचय हेतु प्रोत्साहित किये जाने वाले उपाय ढूंढे जाने चाहियें।
7. जल जागरूकता कार्यक्रम

पानी की बर्बादी रोकने, वर्षा जल का संचयन करने, लगातार वृक्षारोपण करने तथा पानी को प्रदुषण से बचाने हेतु लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाते रहना चाहिये और यह प्रयास हम सबको मिलकर करना चाहिए।
8. वाटर ओवरफ्लो अलार्म लगाएं

छतों पर लगी टंकियों से पानी गिरकर बर्वाद होना एक आम दृश्य है। हमें इसे रोकना होगा और इसके लिए सबसे सरल उपाय है कि आप अपनी टंकी को एक water overflow alarm से जोड़ दें। इस बारे में हम डिटेल में अगली पोस्ट में बात करेंगे।
9. Flush के अन्दर पानी की बोतल में बालू-कंकड़ भर कर डाल दें

अमूमन फ्लश से ज़रूरत से अधिक पानी बहता है, इसलिए अगर आप उसमे १ लीटर की बोतल में बालू-कंकड़ आदि भर के डाल देते हैं तो हर एक फ्लश पे आप १ लिटर पानी बचा सकते हैं, और पूरे वर्ष में हज़ारों लीटर पानी बचाया जा सकता है।

फ्लश से रिलेटेड इस बात पर भी ध्यान दें कि कहीं फ्लश का नौब पूरी तरह से न उठने के कारण वो leak तो नहीं हो रहा है। कई बार इस कारण से रात भर में पूरी टंकी खाली हो जाती है।
10. Water Supply के पानी को अपना पानी समझें

जो लोग भाग्यशाली हैं उनके घरों में सरकार की तरफ से वाटर-सप्लाई का पानी भी आता है। देखा गया है कि अक्सर लोग लगभग मुफ्त में मिलने वाले इसे पानी को बहुत अधिक बवाद करते हैं…वे इसे क्यारी में लगा कर छोड़ देते है (बरसात के मौसम में भी), अपने कूलर में पानी भरने के लिए लगा कर भूल जाते हैं या वाशिंग मशीन में लगा कर छोड़ देते हैं। और चूँकि ये पाने टाइम-टाइम से आता है, इसलिए कई बार लोग टोटियां खुली छोड़ कर बाकी काम में व्यस्त हो  जाते हैं और जब पाने आने का टाइम होता है तो पानी बस यूँही गिरता रहता है।

इन लापरवाहियों की वजह से वे एक ही दिन में सैकड़ों लीटर पानी बर्वाद कर देते हैं। वहीँ दूसरी और वे अपनी टंकियों में भरे पानी को लेकर बहुत सजग होते हैं।  यदि आप भी ऐसे लोगों में शामिल हैं तो कृपया ऐसा करना बंद करें। पानी तो पानी है, इसमें सरकारी और अपने का भेद नहीं करना चाहिए।
11. उतना ही पानी लें जितना पीना है

जब आप 1 glass RO water पीते हैं तो ध्यान रखिये कि इसे फ़िल्टर करने के प्रोसेस में 3 glass पानी waste किया जाता है। इसलिए जब भी आप गिलास में RO वाटर लें तो पूरा भर के लेने की बजाये उतना ही लें जितना पीना है। और किसी को देना भी हो तो उसे पानी ग्लास में भर कर देने की बजाये जग या water bottle के साथ गिलास दे सकते हैं। इस तरह से काफी पानी बचाया जा सकता है।

यदि आप किसी रेस्टोरेंट में जाते हैं तो सबसे पहले वेटर पानी ला कर रख देता है, तब भी जब आपको उसकी ज़रूरत न हो! इसलिए जब आप ऐसी जगह जाइए तो तभी पानी लीजिये जब वाकई में आपको उसकी need हो।
12. RO Machine या AC से निकलने वाले  waste water को उपयोग करें

RO machine द्वारा लिए गए कुल पानी का 75% part waste हो जाता है। इसलिए कोशिश करिए कि मशीन की वास्ते पाइप से जो पानी निकला रहा है उसे बकेट में इकठ्ठा कर लिया जाए या पाइप लम्बी करके उसे पौधों को सींचने के काम में लाया जाये। इसी तरह AC से निकलने वाले पानी को भी सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है।
13. Hand-Pump का प्रयोग करें

पहले के जमाने में लोग हैण्ड पंप का ही प्रयोग करते थे। इस वाजह से पानी की बर्बादी बहुत कम होती थी, जिसको जितनी ज़रूर होती थी वो उतना ही पानी निकालता था। पर समय के साथ लोग मोटर से पानी भरने लगे और हैण्ड पंप को भूल गए। यदि आपके यहाँ हैण्ड पंप लगा ही न हो तो कोई बात नहीं लेकिन अगर लगा है और बेकार पड़ा है तो उसे ठीक करा कर कभी-कभार प्रयोग करें। अच्छा होगा अगर हम intentionally हफ्ते का एक दिन सिर्फ हैण्ड पंप use करके पानी निकालें। ऐसा करने से कम से कम एक दिन हम सिर्फ उतना ही पानी निकालेंगे जितने की हमें सचमुच ज़रूरत है।
14. सब्जियां-फल किसी बर्तन में धोएं

कई बार लोग सब्जियों और फलों को running water से धोते हैं, अगर इसकी जगह आप किसी बड़े भगौने या बर्तन में पानी भर कर सब्जियां धोएँगे तो पानी भी कम लगेगा और वो ठीक से साफ़ भी हो पाएंगी।
15. Wash-basin का फ्लो कम कर दें

वाश बेसिन के नीचे भी पानी कण्ट्रोल करने के लिए एक टोटी लगी होती है, अकसर वो पूरी खुली होती है, अगर आप उसे थोड़ा सा घुमा देंगे तो पानी का फ्लो अपने आप कुछ कम हो जाएगा और काफी पानी बर्वाद होने से बच पायेगा।
16. Bathroom में एक-आध बाल्टी एक्स्ट्रा रखें

अकसर गर्मियों के दिनों में टंकी का पानी बहुत गरम हो जाता है और लोग नहाते समय पहले कुछ पानी गिरा देते हैं कि उसके बाद ठंडा पानी आने लगे। ऐसा करना पड़े तो पानी गिराने की बजाये किसी बाल्टी में भर कर रख लें। और बेहतर तो ये होगा कि सुबह के टाइम ही आप बाल्टियों में पानी भर कर रख लें ताकि नहाते वक्त आपको ठंडा पानी मिल सके।
17. प्लम्बर का हल्का-फुल्का काम खुद सीखें

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अकसर देखा जाता है कि घर में मौजूद पानी के taps टपकते रहते हैं और हम उसे यूँही ignore करते रहते हैं क्योकि हम आलस में प्लम्बर को बुलाते नहीं या ये सोचते हैं कि अगर प्लम्बर को बुलायेंगे तो वो अनाप-शनाप पैसे मांगेगा और हम खुद उसे ठीक करने की हिम्मत नहीं दिखाते। लेकिन अगर हम plumbing के बेसिक सामान घर पे रखें और खुद ही छोटी-मोटी चीजें ठीक करना सीख लें तो हम बहुत सारा पानी बर्वाद होने से रोक सकते हैं। मेरी तो सलाह है कि हमें स्कूलों में बच्चों को plumbing से रिलेटेड बेसिक काम ज़रूर सिखाने चाहिए।
18. जो भी पानी बर्वाद करता है उसे रोकें


AKC पर कुछ महीनों पहले एक पोस्ट शेयर की गयी थी – प्लेट में खाना छोड़ने से पहले Ratan Tata का ये संदेश ज़रूर पढ़ें!

जिसमे उन्होंने जर्मनी के एक रेस्टोरेंट का अनुभव बताया था जिसमे खाना वेस्ट करने पर वहां के नागरिकों ने आपत्ति जताई थी कि भले आपने पैसे देकर खाना खरीदा हो, फिर भी आप उसे बर्वाद नहीं कर सकते क्योंकि भले पैसा पैसा आपका है पर संसाधन देश के हैं !

और यही बात हम Indians को भी समझनी होगी। पानी की बर्बादी सिर्फ उसे बर्वाद करने वाले को ही नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती है। अगर आपका पड़ोसी पानी बर्वाद करता है तो आपका भी वाटर-लेवल कम होता है…इसलिए इस अनमोल संसाधन को न waste करिए और न waste करने दीजिये।

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Rain Water Store बारिश के पानी को # Tags # Rain Water Saving #janshaktiforjalshakti Way

June 30, 2019 0
Rain Water Store बारिश के पानी को # Tags # Rain Water Saving #janshaktiforjalshakti Way
आकाश पानी रोकेंगे, पाताल पानी बढ़ाएँगे.... यह महज कोई कल्पना या ख्याली पुलाव जैसी बात नहीं है, बल्कि देश में इसे लेकर बीते सालों में बड़े काम हुए हैं और ऐसा करना मुमकिन भी हो सका है। मध्यप्रदेश के देवास में करीब 15 साल पहले बारिश के पानी को रोकने की बड़ी पहल शुरू की गई थी। यहाँ के एक भूगर्भ वैज्ञानिक ने मकानों के छत से हर साल व्यर्थ बह जाने वाले पानी को जमीन में रिसाने के लिए एक सस्ती, आसान और अब तक की सबसे अच्छी रूफ वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक विकसित की। तब देवास मॉडल के नाम से इसकी देशभर में खूब चर्चा भी हुई और देश के कई हिस्सों में इस तरह का काम शुरू भी किया गया लेकिन अब यह महज कागजी रस्म बनकर रह गया है। इसे लागू करने का जिम्मा सरकार ने स्थानीय स्वसाशी संस्थाओं को दिया है पर प्रदेश में कहीं भी इसे ढंग से अमल में नहीं लाया जा रहा है। इस वजह से बारिश का सैकड़ों गैलन पानी हर साल व्यर्थ बहकर नदी नालों में चला जाता है और धरती की कोख प्यासी की प्यासी ही रह जाती है।
वर्षाजल संरक्षण
रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के देवास मॉडल में मकानों की छतों पर गिरने वाले बरसाती पानी को पीवीसी पाइप के जरिये जल स्रोतों (नलकूप, हैण्डपम्प, कुआँ, बावड़ी आदि) में भेजा जाता है। इसमें इन जल स्रोतों का जल स्तर तो बढ़ता ही है, साथ ही पानी की कठोरता भी कम होती है। बरसाती पानी के आने से वह कठोर पानी को मृदु पानी में बदल देता है। इससे पानी अपेक्षाकृत स्वादिष्ट हो जाता है। इस तकनीक के जरिए किसी भी प्रकार की अशुद्धि जल स्रोत में नहीं जा सके, इसके लिए विशेष प्रकार के फिल्टर बनाये गए हैं। प्रारम्भ में यह तकनीक बहुत खर्चीली थी किन्तु जटिल संरचनाओं वाली इस तकनीक को देवास में सरल व सस्ता किया गया है। एक अनुमान के मुताबिक यदि 1 सेमी बारिश होती है तो हजार वर्ग फीट की छत से हजार लिटर पानी बह कर निकल जाता है। यदि औसत बारिश 100 सेमी होती है तो इस हिसाब से एक वर्षाकाल में 1000 वर्गफीट की छत से लगभग 1 लाख लीटर पानी जल स्रोत तक पहुँचाया जा सकता है। शुरू में लोगों ने इसे लेकर कई तरह की शंकाएं जताई लेकिन बाद में इस तकनीक के फायदे देख कर इसे ख़ुशी से अपनाया है।

बारिश के पानी को कैसे सहेज सकते हैं #Rain Water Saving #janshaktiforjalshakti Way

June 30, 2019 0
बारिश के पानी को कैसे सहेज सकते हैं आप

बारिश का मौसम है और इंदौर में खूब पानी भी बरस रहा है। इतनी बरसात के बाद भी हर साल गर्मियों में पानी की किल्लत होती है। सवाल ये उठता है कि आखिर इतनी बरसात के बाद भी इंदौर में पानी की किल्लत क्यों होती है? क्या हम बरसात के मौसम में कुछ ऐसा कर सकते हैं जिससे गर्मियों में पानी की कमी न हो पाए। कुछ ऐसे ही ख़ास सवालों के जवाब सुधींद्र मोहन शर्मा ने यूथेन्स न्यूज को दिए। सुधींद्र जी 'मिनिस्ट्री ऑफ ड्रिंकिंग वॉटर एंड सेनिटेशन' भारत सरकार की तरफ से नोडल ऑफिसर रह चुके हैं और 'वॉटर रिसॉर्स मेनेजमेंट' में सलाहकार हैं।

सुधींद्र जी ने बताया ''पानी का सबसे अच्छा स्त्रोत कुंए और बावड़ियां होते हैं। शहर में वॉटर लेवल को बढ़ाने में कुंए, बावड़ियां योगदान देते हैं। हमारे शहर में भी कुंए और बावड़ी काफी सक्सेसफुल हैं। कुंए, बावड़ियों में वॉटर लेवल बढ़ेगा तो जमीन में भी वॉटर लेवल बढ़ेगा। नगर-निगम के साथ हमने इंदौर के 629 कुंओं के सर्वे किए हैं। हर कुंए के बारे में पूरी जानकारी ली है और उसे नक्शे पर मार्क किया है। इन 629 कुंए में से 300 कुंए ऐसे हैं जिनका जीर्णोद्धार किया जा सकता है और उन्हें पुराने शेप में लाया जा सकता है। और बात शहर का जल स्तर बढ़ाने की है तो जल स्तर बढ़ाने के लिए हमें सबसे जल स्तर को गिराना रोकना होगा। भूजल का उपयोग कम करना होगा। यहां पानी कम खर्च करने से तात्पर्य बोरवेल के पानी का यूज कम करें और कुंए और बावड़ियों के जल का प्रयोग करें। ये जल्दी रिचार्ज होते है। जबकि बोरवेल को रिचार्ज होने में समय लगता है।

सुधींद्र जी ने बताया कि बोरवेल में जो पानी के निकलने और न निकलने का कारण जमीन की दरारे होती हैं। जिन बोरवेल में पानी आ जाता है उनकी दरारे चौड़ी होती हैं वहीं जिनमें पानी नहीं निकलता उनकी दरारे संकरी होती हैं। दरारे संकरी होने की स्थिति में उन बोरवेल में पानी नहीं आ पाता। लेकिन अगर ऐसी कोई बोरिंग होती है जिनमें पानी नहीं आया है तो आप ये पहले चेक करें कि उसकी दरारे कैसी हैं? इसके लिए आप उसे वॉटर हार्वेस्टिंग के जरिए रिचार्ज कर सकते हैं लेकिन रिचार्ज से पहले एक रिचार्ज टेस्ट कर लें। आप इस बोरवेल में टेंकर की मदद से पानी भरें और देखें कि पानी उसमें टिका है या नहीं अगर पानी टिका रहता है तो फिर वो बोरवेल आपके काम का नहीं है। लेकिन अगर पानी उसमें नीचे जा रहा है और खत्म हो रहा है तो बोरवेल को आप रिचार्ज कर सकते हैं क्योंकि उसमें दरारे हैं और पानी आने की संभावना होती है।

#janshaktiforjalshakti, Image Source https://c2.staticflickr.com/6/5512/18816499962_205f350a7d.jpg



कुएं जमीन के लिए एक अच्छा रिचार्ज प्वाइंट होते हैं। ऐसे में पानी को स्टोर करने के लिए ये सबसे अच्छा ऑप्शन है। बोरवेल में कुंए जितनी चौड़ाई होती नहीं है। इसलिए उसे रिचार्ज करना मुश्किल होता है। अब चूंकि कुंए रिचार्ज प्वाइंट हैं तो उनके आसपास हमें सफाई भी करना चाहिए। तालाब को जमीन के वॉटर रिचार्ज के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। ये सिर्फ पानी स्टोर करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। हमें तालाब के पानी को पर्यावरण के लिए, प्रकृति के लिए, पशु-पक्षियों के लिए छोड़ देना चाहिए।

इंदौर में अगर देखा जाए तो जिन इलाकों में पानी भरता है उनमें पानी निकलने की व्यवस्था नहीं है। इसलिए पानी घरों में भरता है। वहीं दूसरी तरफ जहां पानी निकलने का रास्ता है वहां आजकल घर बन चुके हैं। जिससे बाढ़ जैसी स्थिती बन जाती है। बात अगर तालाब की करें तो यहां भी बारिश के मौसम में एकदम से शहर का पानी तालाब में पहुंचता है जिससे तालाब ओवरफ्लो हो जाता है और उसे कम करने के लिए पानी छोड़ना पड़ता है तो शहर में कई जगह बाढ़ आ जाती है।

अगर हम शहर का या अपने घर का ढांचा भी देखें तो हम ये देखते हैं कि उसमें बारिश का पानी घर से बाहर निकल जाए। हर जगह यहीं होता है। लेकिन हमें शहर की कुछ जगहों पर पूरा सर्वे करके रिर्चाजिंग प्वाइंट बनाना चाहिए। लेकिन ये रिचार्ज प्वाइंट हर जगह नहीं बनाए जा सकते। इसके लिए पूरा मास्टर प्लान होना चाहिए और उस जगह का सर्वे होना चाहिए। तभी वहां रिचार्ज प्वाइंट बनाना चाहिए। वैसे बारिश के पानी को रोकना भी सही नहीं है। ये पानी जैसे बह रहा है उसे बहने दें। अगर हम इसे रोकेंगे तो बाढ़ जैसे परिणाम हमारे सामने होते हैं।

इससे अच्छा ये है कि जैसे आपके घर में बोरवेल है या कहीं भी है तो आप अपने घर की छत पर जो पानी बरसता है उसे इकट्ठा करके वॉटर हार्वेस्टिंग के जरिए रिचार्ज कर सकते हैं। लेकिन जगह-जगह पूरी कॉलोनी का पानी रोकना और रिचार्ज करना, ये गलत होता है। वॉटर हार्वेस्टिंग में भी ये जरूरी है कि जिस बोरवेल के पास आप इसे बना रहे हैं वहां प्रॉपर फिल्टर लगे हो क्योंकि ये आपकी बोरवेल में जा रहा है। सुधींद्र जी ने बताया कि बोरवेल के वॉटरलेवल को बढ़ाने के लिए उनके घर में भी वॉटर हार्वेस्टिंग की गई है। जिसके लिए उन्होंने अपने लॉन में दो फिल्टर लगाए हैं।

पीने के पानी की बात करें तो इंदौर में अधिकतर जनता नर्मदा के जल पर आश्रित है और इंदौर में इस जल की वैसे ज़्यादा कोई कमी नहीं है। इंदौर में नर्मदा का जल फिल्टर होकर आ रहा है ये बहुत बड़ी बात है क्योंकि इतने बड़े लेवल पर इंदौर में इस पानी को लाना एक बहुत बड़ा काम है। इसके लिए नगर निगम बधाई का पात्र है।

इंदौर में बारिश के पानी को बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम होते हैं लेकिन इनका प्रेक्टिकल इंपैक्ट नहीं आता है। प्रेक्टिकल सेमिनार इसके लिए बहुत कम होते हैं। अभी हाल ही में 22 प्लंबर्स को इस बारे में ट्रेनिंग दी गई। वैसे इस तरह के प्रैक्टिल सेमिनार होने चाहिए जिससे पानी के प्रति लोगों को जागरूकता हो। वैसे प्रैक्टिल सेमिनार की जरूरत आम जनता को कम लेकिन उन लोगों को ज़्यादा है जो इन चीज़ों के लिए जिम्मेदार है।

दूषित पानी हमारे यहां बहुत बड़ी समस्या है लेकिन इसके लिए यहां ज़्यादा कोई प्रयास नहीं है। इंदौर में कई ऐसे एरिया है जिनमें इंडस्ट्रीयल एरिया है और दूषित पानी आता है। इसके लिए कॉलोनी के कुछ घरों में वॉटर सैंपल भी लिए जाने चाहिए। वैसे नर्मदा का जो जल है वो साफ आता है लेकिन ट्यूबवेल के पानी नालों के किनारे होने के कारण दूषित हो रहे हैं। वैसे इंदौर में कम्यूनिटी आरओ का चलन भी हो गया है। जिसमें इंदौर में 50 पैसे प्रति लीटर में साफ पानी आपको दिया जाता है।

जल हम सबका जीवन है। इसे संभालकर रखना हमारी जिम्मेदारी भी है लेकिन जल के साथ हम प्रकृति का भी ख्याल रखे। आप भी इन बातों का ध्यान रखें कि बारिश के पानी का जैसे भी यूज कर रहे हैं उससे प्रकृति का नुकसान न हो। अगर प्रकृति का नुकसान हुआ तो हमारा नुकसान होना भी तय होता है।

#janshaktiforjalshakti

Water Saving #janshaktiforjalshakti Way

June 30, 2019 0
Water Saving #janshaktiforjalshakti Way
1.नल का पानी बचाएँ: घरेलू काम जैसे दाढ़ी बनाते, दाँत साफ, स्नान करते, बरतन और हाथ धोते समय नल बन्द रखें। नहाते समय, साबुन लगाने के दौरान नल बन्द रखें और उतनी ही देर नल खुला रखें जितनी देर पानी साबुन निकालने के लिए आवश्यक हो। नल बन्द होते समय पानी का तापमान बदलने के लिए एक मुड़ने वाला वाल्व लें और उसे फव्वारा नल के पीछे लगा दें।

    गर्म पानी के भरने के इंतजार में, नल और फव्वारे से आने वाला ठंडा पानी बर्बाद न होने दें और उसे संग्रहित करें। इसे पौधों में डालने और फ्लश करने के लिए फ्लश की टंकी में भर दें।
    वैसे तो गर्म पानी की टंकी में ठंडे पानी की टंकी के मुकाबले ज़ादा गाद और ज़ंग होता है, इसके बावजूद, यह पानी पीने योग्य है। यदि आप वाटर फिल्टर का प्रयोग करते हैं, तो आप फिल्टर हुए पानी को बोतल में भरें और ठंडा पानी पीने के लिए फ्रिज में रखें।



2.टपकती हुई पाइपलाइन की जाँच करें, खास तौर पर रिसने वाले फ्लश टैंक और नल: हर रिसने वाली पानी के उपकरण को ठीक करवाए। बिना आवाज़ के टपकने वाले फ्लश टैंक से प्रतिदिन 30-500 गैलन पानी बरबाद हो सकता है!
3.
स्नान करने, कपड़े और बर्तन धोने के बाद साबुन वाले पानी को बाग में उपयोग करें: हो सके तो, कपड़े धोने की मशीन के आउट लेट में नली लगा कर पानी को बाग की ओर भेज दें। नहाने के पानी का पुनः प्रयोग करने के लिए साइफन पंप का उपयोग करें। बर्तन छलने के बाद, साबुन वाला पानी एक कंटेनर में डालें और उसे बाग में बहा दें।

    गर्म पानी का इंतजार करते समय, आप शुरू के ठंडे पानी का पुनः प्रयोग कर सकते हैं। उस पानी को एक बाल्टी, घड़े या हजारे में संग्रहित करें।
    यदि आप (पानी का तापमान मिलाते समय) स्वच्छ पानी को संग्रहित करते हैं, तो आप उस पानी को नाज़ुक कपड़ों को हाथ से धोने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
    उस पानी को संग्रहित करें जिससे आप फल और सब्जियों धोते हैं, और पास्ता या अंडे उबालने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
    यदि आप बाग़ बानी के लिए साबुन वाला पानी संग्रहित कर रहें हो तो, बाग को नुकसान न पहुंचाने वाले साबुन और शोधन करने वाले पदार्थों का प्रयोग करें।
    यदि आपको लगता है कि साबुन वाला पानी आपके बाग के लिए उचित नहीं है, तो आप उस पानी को शौचालय में इस्तेमाल कर सकते हैं। उसे शौचालय सीट में ही उड़ेल दें या उससे फ्लश टैंक को भर दें (बशर्ते, उसमें मिट्टी न हो)।

Water Saving #janshaktiforjalshakti Way

Monday, November 19, 2018

.INFOWAIT Files Virus – How to Remove It and Restore Files

November 19, 2018 1
.INFOWAIT Files Virus – How to Remove It and Restore Files

.INFOWAIT Files Virus – How to Remove It and Restore Files



Threat Summary

Name.INFOWAIT Files Virus
TypeRansomware, Cryptovirus
Short DescriptionEncrypts files on your PC and then asks for ransom to be paid to get them to work again.
Symptoms.INFOWAIT ransomware encrypts your files via AES and RSA ciphers and then adds the .INFOWAIT extension and the !readme.txt ransom note.
Distribution MethodSpam Emails, Email Attachments, Executable files
Detection ToolSee If Your System Has Been Affected by .INFOWAIT Files Virus
Download
Malware Removal Tool

User ExperienceJoin Our Forum to Discuss .INFOWAIT Files Virus.
Data Recovery ToolWindows Data Recovery by Stellar Phoenix Notice! This product scans your drive sectors to recover lost files and it may not recover 100% of the encrypted files, but only few of them, depending on the situation and whether or not you have reformatted your drive.

.INFOWAIT Ransomware – Infection Methods

The .INFOWAIT variant of .STOP ransomware may spread via different methods. One of them is via a dropper which executes a malicious script that is spread online and this is how researchers may have discovered it. If this script or file lands on your PC via a web link or a malicious redirect, chances are your PC becomes infected immediately.
In addition to this, the .INFOWAIT version of STOP ransomware may also be spreading via malicious e-mails. These types of e-mails are often sent as e-mails that are from important companies, like PayPal, eBay, Amazon and others. The e-mails contain the virus as a malicious e-mail attachment, the main goal of which is to trick victims that it is an important document, like an invoice or some other type of receipt or a banking letter.

.INFOWAIT Files Virus – More Information

As soon as the .INFOWAIT ransomware virus has infected your computer, the rasnomware immediately may drop it’s payload files. They may be located in the following Windows directories:
  • %AppData%
  • %Local%
  • %LocalLow%
  • %Roaming%
  • %Temp%
In addition to this, the .INFOWAIT files virus may also create various different types of registry entries in Windows, the main idea of which is to run the payload automatically. The targeted keys in the Windows Regstry for this to happen are usually the following:
→ HKEY_LOCAL_MACHINE\SOFTWARE\Microsoft\Windows\CurrentVersion\Authentication\LogonUI\Background
HKEY_LOCAL_MACHINE\SOFTWARE\Policies\Microsoft\Windows\Personalization
HKEY_CURRENT_USER\Control Panel\Desktop\ScreenSaveTimeOut
HKEY_CURRENT_USER\Control Panel\Desktop
In addition to this, the .INFOWAIT ransomware also drops the ransom note, called !readme.txt on the victmized comptuers to let victims know what is going on:
Text from Image:
Your databases, files, photos, documents and other important files are encrypted and have the extension: .INFOWAIT
The only method of recovering files is to purchase an decrypt software and unique private key.
After purchase you will start decrypt software, enter your unique private key and it will decrypt all your data.
Only we can give you this key and only we can recover your files.
You need to contact us by e-mail BM-2chnzj9ovn5qu2MnNMK4j3quuXBKo4h©bitmessage.ch send us your personal ID and wait for further instructions.
For you to be sure, that we can decrypt your files – you can send us a 1-3 any not very big encrypted files and we will send you back it in a original form FREE.
Price for decryption $290 if you contact us first 72 hours.
E-mail address to contact us:
BM-2chnzj9ovn5qu2MerK4j3quuXBKo4h©bitmessage.ch
Reserve e-mail address to contact us:
savefiles©india.com
Your personal id: {ID HERE}
But this is not all. The .INFOWAIT files virus may also delete the shadow copies and backed up files on your PC and the outcome of that may be that you could be unable to restore files via Windows Backup. The virus may do this by executing the folliwing commands in Windows Command Prompt:
→ sc stop VVS
sc stop wscsvc
sc stop WinDefend
sc stop wuauserv
sc stop BITS
sc stop ERSvc
sc stop WerSvc
cmd.exe /C bcdedit /set {default} recoveryenabled No
cmd.exe /C bcdedit /set {default} bootstatuspolicy ignoreallfailures
C:\Windows\System32\cmd.exe” /C vssadmin.exe Delete Shadows /All /Quiet

.INFOWAIT Ransomware – Encryption Process

To encrypt files on your computer, the virus uses the AES and RSA 1024-bit encryption algorithms in combination. This process makes decryption very difficult, unless you know the master decryption keys if there are such left behind by the crooks or unless there is a bug in the ransomware virus.
To encrypt files, the .INFOWAIT ransomware virus may first detect the most widely used of them – documents, images, videos, backed up files, banking documents and other types of files.
The .INFOWAIT files virus may scan for the files based on their file extensions, for example:
→ “PNG .PSD .PSPIMAGE .TGA .THM .TIF .TIFF .YUV .AI .EPS .PS .SVG .INDD .PCT .PDF .XLR .XLS .XLSX .ACCDB .DB .DBF .MDB .PDB .SQL .APK .APP .BAT .CGI .COM .EXE .GADGET .JAR .PIF .WSF .DEM .GAM .NES .ROM .SAV CAD Files .DWG .DXF GIS Files .GPX .KML .KMZ .ASP .ASPX .CER .CFM .CSR .CSS .HTM .HTML .JS .JSP .PHP .RSS .XHTML. DOC .DOCX .LOG .MSG .ODT .PAGES .RTF .TEX .TXT .WPD .WPS .CSV .DAT .GED .KEY .KEYCHAIN .PPS .PPT .PPTX ..INI .PRF Encoded Files .HQX .MIM .UUE .7Z .CBR .DEB .GZ .PKG .RAR .RPM .SITX .TAR.GZ .ZIP .ZIPX .BIN .CUE .DMG .ISO .MDF .TOAST .VCD SDF .TAR .TAX2014 .TAX2015 .VCF .XML Audio Files .AIF .IFF .M3U .M4A .MID .MP3 .MPA .WAV .WMA Video Files .3G2 .3GP .ASF .AVI .FLV .M4V .MOV .MP4 .MPG .RM .SRT .SWF .VOB .WMV 3D .3DM .3DS .MAX .OBJ R.BMP .DDS .GIF .JPG ..CRX .PLUGIN .FNT .FON .OTF .TTF .CAB .CPL .CUR .DESKTHEMEPACK .DLL .DMP .DRV .ICNS .ICO .LNK .SYS .CFG”
After this is done, the virus encrypts the files so that they become no longer useful and they begin to appear like the following:

Remove .INFOWAIT STOP Ransomware and Restore Files

Before removing this ransomware virus, we advise you to first backup all your data, even though it is encrypted, since you risk loosing it permanently.
For the manual or automatic removal of .INFOWAIT ransomware, we suggest that you follow the removal instructions underneath this article. They have been made with the main idea to help you remove this virus based on what you know about it and how much experience you have for the removal. Be advised that for maximum effectiveness, security researchers advise removing the .INFOWAIT ransomware virus automatically with the aid of specific anti-malware software. Such tool is fit for the purpose it serves, since it aims to scan your PC and delete all the ransomware’s related files and objects and make sure that the risk of infection on your PC is minimal in the future.
If you want to try and restore files, encrypted by the .INFOWAIT files virus, we strongly suggest that you attempt using the alternative methods for file recovery we have stated below. They have been created with the main idea to best assist you in restoring as many files as possible, but they come with no guarantee to work at a 100%.
Note! Your computer system may be affected by .INFOWAIT Files Virus and other threats.
Scan Your PC with SpyHunter

Friday, August 24, 2018

Mongo DB Comparison Operators

August 24, 2018 2

Mongo DB Comparison Operators

In RDBMS, you can use comparison operators like as >, <, <=, and >= while writing a SQL query. Mongo shell also has the same comparison operators but they are used with a different notation. Here is a comparison list of Mongo shell operators and SQL operators.
Mongo Shell Operators SQL Operators

Mongo Shell Operators
SQL Operators
gt
>
lt
<
gte
>=
lte                                                                                          
<=                   


AND and OR Operators
Like RDBMS, MongoDB also supports OR and AND operators. You can use $or for an OR operator and $and for an AND operator.

db.users.find( { $or : [{lastname :"chauhan",lastname:"kumar"}] })
db.users.find( { $and : [{firstname :"deepak",lastname:"kumar"}] })

MongoDB Installation and Configuration

August 24, 2018 0
MongoDB Installation and Configuration

MongoDB Installation and Configuration

Before going to start Hands-On MongoDB, let's first install and configure it. Here, I am using windows OS to install and configure it. First download the latest release of MongoDB from MogoDB Inc. for windows OS.

Downloading MongoDB

Installing MongoDB
Just do double click on MongoDB setup file and follow the following steps to install it.






MongoDB server is installed at following location in my machine.


Configuring MongoDB and Working with MongoDB Shell
After installing MongoDB on your windows machine, you need to start the MongoDB shell to manage MongoDB Server. To start it follow the following steps.

Configure the MongoDB path using environment variable path for the user.

In this variable value just append your mongodb installation dir path with bin folder using semicolon (;), like in my case it is C:\Program Files\MongoDB\Server\3.0\bin. Refer the screen shot for it. After that, click OK.

Open Command Prompt and go to your mongodb installation dir bin folder

cd C:\Program Files\MongoDB\Server\3.0\bin
Start MongoDB server by typing mongod.exe

If successful, your MongoDB server is started as shown below:


Now open another Command Prompt and run mongo command as:

mongo
If successful, your MongoDB shell is started as shown below:

Run help command to get information about the MongoDB shell.

Now it's ready to manage and query your MongoDB database. That's it for now!

Creating and Querying Mongo Database with Mongo Shell

August 24, 2018 0
Creating and Querying Mongo Database with Mongo Shell

Creating and Querying Mongo Database with Mongo Shell

Create Database
Like RDBMS, there is no command to create a database in MongoDB. MangoDB will create a new database on the fly when you will insert the first record into the defined collection.

use <db_name> command is used to create database and db.<collection_name>.insert() command is used to create a collection and insert a record into it. Also, this collection will be saved to create database.


Show Databases
Now, run show dbs command to see the list of created databases. Refer above fig.

Insert Document
You can add a document item with the help of insert() method. Refer above fig.

Note
Make sure you have started your mongo db server in a separate command prompt by running following commands:

cd C:\Program Files\MongoDB\Server\3.0\bin
C:\Program Files\MongoDB\Server\3.0\bin\mongod.exe
If successful, your MongoDB server is started as shown below:


Update Document
You can modify an existing document item with the help of update() method. You must specify the document item which you want to modify. Refer below fig.


Find Document
You can find an existing document item with the help of find() method. You must specify the document item which you want to find. Refer above fig.

Delete Document
You can delete an existing document item with the help of remove() method. You must specify the document item which you want to delete.


What do you think?
That’s it for now! I hope you get a good idea how to use Mongo shell to query your mongo database. I would like to have feedback from my blog readers. Your valuable feedback, question, or comments about this article are always welcome.